sansadhan sanrakshan kya hai

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हम सभी जानते हैं कि पर्यावरण हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है l पर्यावरण से हमें बहुत कुछ मिलता है परंतु आज के समय में हम पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं l जैसे-जैसे औद्योगिकरण का विकास होता जा रहा है वैसे वैसे ही पर्यावरण खतरे में होता जा रहा है l

 औद्योगिकरण जैसे की बिल्डिंग का निर्माण करने के लिए या फिर नई फैक्ट्री बनाने के लिए उस स्थान पर जितने भी वन एवं पेड़ है उनको काटा जा रहा है जिस वजह से भारत में वनों की मात्रा बहुत अधिक कम होने लगी है l

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भारत में कम से कम 33% होने चाहिए लेकिन 20 प्रतिशत के आसपास से भारत में वन है यह बहुत चिंताजनक बात है l पर्यावरण से हमें बहुत अच्छी चीजें मिलते हैं जिनका इस्तेमाल हम अपने रोजाना दैनिक जीवन में करते हैं l

पर्यावरण एक ऐसा साधन है जिसके जरिए हमें बहुत सारी चीजें उपलब्ध होती हैं l पर्यावरण हमें वह सब चीजें देते हैं जिनके बिना जीवन जीना एक बहुत ही मुश्किल काम हो जाएगा l

आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको

sansadhan sanrakshan kya hai  इसके बारे में विस्तार से बताएंगे l संसाधन संरक्षण को जानने से पहले लेकिन आपको यह जानना बहुत ज्यादा जरूरी है कि sansadhan kya hai

यदि आप यह जान लेते हैं कि संसाधन क्या है तो आपको यह भी अच्छे से समझ आ जाएगा कि sansadhan sanrakshan kya hai. इस पोस्ट के माध्यम से यह जानते हैं कि sansadhan sanrakshan kya hai In Hindi.

sansadhan sanrakshan kya hai
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sansadhan kya hai

हमें पर्यावरण एवं पृथ्वी से ऐसे संसाधन मिलते हैं जिनसे हमारा दैनिक जीवन चलता है l संसाधन का साधारण शब्दों में अभिप्राय यह है कि जो भी वस्तु हमें पृथ्वी एवं पर्यावरण से मिलती हैं वह जल संसाधन कहलाती हैl

जिसका उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में करते हैं और अपने दैनिक जीवन में होने वाले क्रियाकलापों को करते हैं यही संसाधन कहलाते हैं लेकिन संसाधन भी दो प्रकार के होते हैं l

एक संसाधन वह होते हैं जो एक निश्चित समय के पश्चात पृथ्वी से खत्म हो जाएंगे और कुछ संसाधन ऐसे हैं जो कभी खत्म नहीं होंगे l यानी उनको हम पूर्ण चक्रण के द्वारा द्वारा इस्तेमाल कर सकते हैं l

जैसे हमें पृथ्वी से पानी मिलता है एवं पेट्रोल-डीजल यह सब मिलता है तो यह हमारे लिए संसाधन है l इसके अलावा पृथ्वी से में बहुत सारी चीजें मिलते हैं जो किसी मशीन के द्वारा नहीं मिल सकती l

हम आशा करते हैं कि आपको समझ आ गया होगा कि संसाधन क्या है कि अब हम जानते हैं कि sansadhan sanrakshan kya hai.

sansadhan sanrakshan kya hai

sansadhan sanrakshan kya hai इसका अभिप्राय यह है कि जब हम अपने संसाधनों को खत्म होने से बचाने के लिए प्रयास करते हैं तो यह संसाधन संरक्षण कहलाता है l

आज के समय में बहुत लोग ऐसे हैं जो पृथ्वी से प्राप्त संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं l ऐसा करने से कुछ समय पश्चात पृथ्वी से मिलने वाले संसाधन खत्म हो जाएंगे और हमारा जीवन बहुत खतरे में पड़ जाएगा इसीलिए संसाधनों की रक्षा करने के लिए संसाधन संरक्षण किया जाता है l

हम आशा करते हैं कि आपको समझ आ गया होगा sansadhan sanrakshan kya hai. प्रकृति से में जो कुछ भी मिलता है हमारे लिए बहुत अनमोल है यदि हम इसका दुरुपयोग करेंगे तो कुछ समय पश्चात प्रकृति से मिलने वाले यह सभी संसाधन नष्ट हो जाएंगे

इसलिए हमें इतनी मात्रा में ही संसाधन का उपयोग करना चाहिए जितनी हमें जरूरत होती हैं हमें संसाधनों का दुरुपयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए l

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sansadhan sanrakshan Kaise Kare

हमने इस पोस्ट के माध्यम से आपको यह बताया है कि sansadhan sanrakshan kya hai. आइए अब हम जानते हैं कि संसाधन संरक्षण किस प्रकार किया जा सकता है ?

प्रकृति की रक्षा करना हमारा धर्म है जिस तरह हम खुद की रक्षा करते हैं ऐसे हमें पृथ्वी से मिलने वाले सभी प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करनी चाहिए क्योंकि एक निश्चित समय पश्चात यह सब नष्ट हो जाएंगे l

संसाधन संरक्षण करने के लिए हमें सबसे पहले यह करना चाहिए कि हमें व्यर्थ में पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जहां हमें पानी की जरूरत हो हमें वहीं पर पानी का इस्तेमाल करना चाहिए काफी बार देखा गया है लोग जहां जरूरत भी नहीं होती है फालतू में पानी का दुरुपयोग करते रहते हैं l

संसाधन संरक्षण करने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए क्योंकि पेड़ पौधों से हमें ऑक्सीजन मिलती हैं और इसी के साथ-साथ ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जो हमारे दैनिक जीवन में हमें बहुत ज्यादा जरूरी है और वह सभी पेड़ पौधों से हमें मिलती हैं

आजकल पेड़ों की कटाई बहुत ज्यादा हो रही है तो हमें यह प्रयास करना चाहिए कि अधिक से अधिक पेड़ों की कटाई को रोका जाए ताकि आने वाले समय में हमें किसी अनहोनी का सामना ना करना पड़े l

पेट्रोल एवं कोयला ऐसी प्राकृतिक संसाधन है जो एक निश्चित मात्रा में पृथ्वी से हमें मिल रहे हैं रिसर्च की माने तो कुछ वर्षों बाद यह सब पृथ्वी से खत्म भी हो सकते हैं इसलिए हमें पेट्रोल, कोयला, डीजल जैसे प्राकृतिक संसाधनों का सोच समझकर इस्तेमाल करना चाहिए l

जहां पैदल जाया जा सकता है वह हमें अपने वाहनों का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि आज के समय में थोड़ी सी दूरी तय करने के लिए भी लोगों के द्वारा वाहन का इस्तेमाल किया जाता है जिससे पेट्रोल की खपत बहुत ज्यादा बढ़ रही है l

हम आशा करते हैं कि आप मुझे समझ आ गया होगा कि sansadhan sanrakshan kya hai.

Conclusion

यह पोस्ट sansadhan sanrakshan kya hai इस पर आधारित थी l sansadhan sanrakshan kya hai लेख के माध्यम से हमने आपको संसाधन संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी है l

सबसे पहले हमने आपको यह बताया है कि संसाधन क्या होता है इसके पश्चात हमने आपको यह बताया है कि sansadhan sanrakshan kya hai. 

हम आशा करते हैं कि आपको इस पोस्ट के माध्यम से संसाधन संरक्षण के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई होगी l अब आप जान गए होंगे कि sansadhan sanrakshan kya hai और हमारे जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है l

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