Randhra kya hai

Randhra kya hai– हमारी जिंदगी में पेड़ पौधे एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं l यदि हमारी धरती पर पेड़ पौधे तो हमारा जीवन ही खतरे में पड़ जाएगा क्योंकि जो पेड़ पौधे नहीं होंगे तो हमें ऑक्सीजन नहीं मिलेगी और वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती रहेगी l

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस संसार में कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ता है एवं ऑक्सीजन का ग्रहण करता है जिससे हम सास लेते हैं और हम जीवित रहते हैं l

हमारी सांस लेने की प्रक्रिया में प्रकाश संश्लेषण की एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है l पेड़ पौधे हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है l स्थान जहां पर पेड़ पौधे नहीं है वहां पर कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बहुत ज्यादा होती है l

हम सभी प्रकाश संश्लेषण के बारे में तो जानते ही हैं प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से ही पौधे अपना भोजन बना पाते हैं एवं प्रकाश संश्लेषण के कारण ही ऑक्सीजन एवं कार्बन डाइऑक्साइड गैसों का आदान प्रदान होता है

प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के दौरान पौधे वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड गैस को ग्रहण करते हैं एवं कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करने के पश्चात वायुमंडल में ऑक्सीजन गैस को छोड़ देते हैं l प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के द्वारा ही हमें ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है l

इसीलिए पौधे हमारे लिए काफी आवश्यक है हमें अपने घर में एवं घर के आस-पास पौधे लगाने चाहिए ताकि हमें अच्छी ठंडी हवा मिल सके और ऑक्सीजन भी हमें सही मात्रा में मिल सके आपने देखा ही है l

भारत में महानगर जहां पर वृक्ष कम है ऐसे स्थानों पर ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम होती है क्योंकि वहां पर वृक्ष बहुत कम होते हैं आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको इसी से संबंधित Randhra kya hai इसके बारे में बताने वाले हैं l

बहुत लोग ऐसे होते हैं जिनको रंध्र के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं है हमें उम्मीद है कि हमारी पोस्ट पढ़ने के बाद आपको यह जरूर पता चल जाएगा कि Randhra kya hai.

Randhra kya hai
Randhra kya hai

Randhra kya hai?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रकाश संश्लेषण की क्रिया एवं श्वसन की क्रिया को करने के लिए रंध्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं l इसी के कारण प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में एवं स्वसन की क्रिया में गैस का आदान-प्रदान हो पाता है l

यदि रंध्र नहीं होंगे तो प्रकाश संश्लेषण एवं श्वसन की क्रिया में गैसों का आदान प्रदान नहीं हो पाएगा और जब गैसों का आदान प्रदान नहीं होगा तो हम ऑक्सीजन गैस ग्रहण नहीं कर पाएंगे और ना ही हम कार्बन डाइऑक्साइड गैस को छोड़ पाएंगे l

हम आशा करते हैं कि आपको यह पता चल गया होगा कि Randhra kya hai. रंध्र वाष्पउत्सर्जन की प्रक्रिया में भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि वाष्पउत्सर्जन रंध्र के द्वारा ही संभव हो पाता है यदि रंध्र नहीं है तो वाष्पोत्सर्जन की क्रिया नहीं हो पाएगी l

इसलिए हम आशा कर रहे हैं कि आपको सभी जानकारी अच्छे से समझ आ गई होगी l रंध्र के बारे में जानकारी होना आपके लिए काफी जरूरी है l

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Randhra Ke Karya Kya Hai

Randhra Kya Hai इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको सभी जानकारी विस्तार से बता दी हैं l आइए अब हम जानते हैं कि रंध्र के क्या क्या कार्य होते हैं l

रंध्र के द्वारा ही बाहर वातावरण के मध्य गैस विनिमय की प्रक्रिया हो पाती है और आंतरिक उत्तक एवं बाहरी वातावरण में अच्छे से गैस विनिमय की प्रक्रिया संपन्न हो पाती है l

इसी के कारण ही पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया हो पाती है प्रकाश संश्लेषण की क्रिया होने में इसका बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण योगदान है l आपको अधिक से अधिक अपने आसपास पेड़ पौधे लगाने चाहिए यदि अधिक पेड़ पौधे होंगे तो हमें अधिक ऑक्सीजन की प्राप्ति होगी l

वाष्प उत्सर्जन के बारे में तो आप जानते ही होंगे वाष्प उत्सर्जन भी एक ऐसी क्रिया है जो सिर्फ और सिर्फ रंध्र के माध्यम से ही संपन्न हो पाती हैं l Randhra Kya Hai अब आपको यह पता चल गया होगा l

Randhra Ka structure kaisa hai

Randhra kya hai इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको यह बताया है कि Randhra kya hai इसके साथ-साथ यह भी बताया है कि इसके द्वारा कौन कौन सी क्रिया होती है l आइए अब हम जानते हैं कि रंध्र की संरचना किस प्रकार की होती है l

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रत्येक रंध्र में दो कोशिकाएं पाई जाती हैं यही कोशिकाएं रक्षक कोशिकाएं कहलाती हैं यह दोनों कोशिका में एक दूसरे के साथ भीतरी अवतल भागो के साथ आपस में जुड़े हुए होते हैं l

आपकी जानकारी के लिए बता दे जो रक्षक कोशिकाएं होती हैं उन कोशिकाओं के चारों ओर कुछ विशेष प्रकार की अन्य कोशिकाएं भी पाई जाती हैं यह विशेष कोशिकाएं बाहर वाली त्वचा कोशिकाओं से बिल्कुल अलग होती हैं l

यह सभी कोशिकाएं सहायक कोशिकाएं कहलाते हैं जितनी भी रंध्र होते हैं इन के नीचे कुछ पौधों में गुहीका के समान संरचना होती है इन्हें अधोरंध्र कहां जाता है l

आपकी जानकारी के लिए बता दें इसी के कारण ही पतियों के द्वारा आंतरिक उत्तक का बाहर वातावरण से गैसीय विनिमय बहुत आसानी से हो जाता है हम आशा करते हैं कि आपको समझ आ गया होगा कि Randhra kya hai.

Conclusion

हम आशा करते हैं कि आप को Randhra Kya Hai आपको बहुत अच्छे से समझ आ गया होगा l

प्रकाश संश्लेषण की क्रिया एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रकाश संश्लेषण सिर्फ पौधों में ही होता है l

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रकाश संश्लेषण की क्रिया सिर्फ उन्हीं पौधों एवं पतियों में होती हैं जिन की पत्तियां हरी होती है एवं हरे पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया हो आती है l प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के द्वारा ही पौधे अपना भोजन बना पाते हैं और पौधों की ग्रोथ हो पाती है l

Randhra Kya Hai इसके साथ साथ हमने आपको इसकी संरचना के बारे में भी बहुत अच्छे से समझा दिया है l यदि आपको हमारे द्वारा बनाई गई पोस्ट अच्छी लगी है तो इस पोस्ट को आप अपने दोस्तों के साथ शेयर करना मत भूलना क्योंकि यह जानकारी आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है l

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