Chipko andolan kya hai ? Chipko andolan kaha hua tha ?

Chipko andolan kya hai ? Chipko andolan kaha hua tha ?

Chipko andolan kya hai

Chipko andolan kya hai – वैसे तो आप ने भारत में कई प्रकार के आंदोलन के नाम सुने होंगे हम सभी जानते हैं कि जब हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी कर रहा था तो देश को आजाद करवाने के लिए भारत के महान पुरुषों ने अपना बलिदान दे दिया था l

आंदोलन आज भी समय-समय पर होते ही रहते हैं भारत आज आजाद है तो सिर्फ क्रांतिकारियों की वजह से जिन्होंने देश को आजाद करवाने के लिए अपना बलिदान दे दिया है l

हम आपको बता दें कि भारत की आजादी की लड़ाई बहुत वर्षों से चल रही थी भारत का आजाद होना एकदम से नहीं बल्कि बहुत वर्षों की मेहनत के बाद हुआ था l

जब किसी क्रांतिकारी एवं समाज सेवक सरकार के विरुद्ध अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए सरकार का विरोध करते हैं तो इसे ही आंदोलन कहा जाता है l

जिस तरह देश में स्त्रियों की सुरक्षा के लिए काफी महान पुरुषों ने अपना बलिदान दिया है वैसे ही कुछ महान पुरुष ऐसे हैं जिन्होंने देश के कल्याण के लिए और भारत की वनस्पति के लिए अपना बलिदान दे दिया है l

आपने चिपको आंदोलन का नाम तो कई बार सुना ही होगा लेकिन आप नहीं जानते होंगे कि Chipko andolan kya hai. आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको उन महापुरुषों के बारे में बताएंगे जिन्होंने चिपको आंदोलन में अपनी अहम भूमिका निभाई थी l

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इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको Chipko andolan kya hai इसके साथ साथ यह भी बताएंगे कि Chipko andolan kyo Kiya Gaya tha. यदि आपको चिपको आंदोलन से संबंधित कुछ भी जानकारी नहीं है तो यह पोस्ट आपके लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है l आइए जानते हैं कि Chipko andolan kya hai.

Chipko andolan kya hai ? Chipko andolan kaha hua tha ?
Chipko andolan kya hai ? Chipko andolan kaha hua tha ?

Chipko andolan kya hai

चिपको आंदोलन की शुरुआत उत्तराखंड के टिहरी गांव से हुई थी चिपको आंदोलन की शुरुआत करने का मुख्य उद्देश्य यह था कि गांव के ठेकेदारों के द्वारा गांव से लकड़ियां काटी जा रही थी l

Chipko andolan on english

रोजाना हजारों की संख्या में पेड़ों को काटा जा रहा था पेड़ को काट कर भेज दिया जा रहा था गांव के लोगों ने वनों की कटाई को रोकने के लिए ही इस आंदोलन को शुरू किया था l

इस आंदोलन को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य पेड़ों की कटाई को रोकना था ताकि वनस्पतियों को बचाया जा सके l इसकी शुरुआत 26 नवंबर 1974 को हुई थी इस आंदोलन में गांव के सभी लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था l

 वहां की औरतों ने पेड़ों को कटने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया था गांव की महिलाओं ने पेड़ों को काटने से रोकने के लिए खुद पेड़ों पर जाकर चिपक गई थी ताकि कोई भी पेड़ को ना काट पाए

महिलाओं का यह नारा था कि अगर पेड़ काटना है तो सबसे पहले हमें काटना होगा l हम आशा करते हैं कि आपको समझ आ गया होगा कि Chipko andolan kya hai. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चिपको आंदोलन का नेतृत्व गांव की महिला गौरा देवी ने किया था l

इन्होंने ही सभी महिलाओं को प्रेरित किया कि वह पेड़ों की कटाई को रोककर प्रकृति का नुकसान होने से बचाएं सभी महिलाएं गोरा देवी से प्रेरित होकर पेड़ों पर चिपक गई थी और ठेकेदारों को पेड़ काटने से रोक दिया था l

Chipko andolan kya hai ? Chipko andolan kaha hua tha ?
Chipko andolan kya hai ? Chipko andolan kaha hua tha ?

Chipko andolan kaha hua tha

हम आशा करते हैं कि आपको यह समझ आ गया होगा कि चिपको आंदोलन क्यों शुरू किया गया था l आइए अब हम जानते हैं कि Chipko andolan kaha hua tha. 

चिपको आंदोलन उत्तराखंड के एक गांव में हुआ था इस गांव में प्रतिदिन पेड़ों की कटाई बढ़ती जा रही थी वहां की ग्रामीण लोगों ने इसी वजह से परेशान होकर ठेकेदारों एवं सरकार के विरुद्ध आंदोलन किया और इस आंदोलन में वहां की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था l

महिलाओं ने गोरा देवी के नेतृत्व में इस आंदोलन में भाग लिया और आखिरकार पेड़ों की कटाई करने वाले ठेकेदारों को महिलाओं के सामने हार माननी पड़ी थी l

 

Chipko andolan kisne suru kiya tha.

आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको Chipko andolan kya hai यह पूरे विस्तार से बता रहे हैं अब हम आपको यह बताते हैं कि

Chipko andolan kisne suru kiya tha.

 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चिपको आंदोलन की शुरुआत वहां की ग्रामीण महिला

गोरा देवी, चंडी प्रसाद एवं सुंदरलाल बहुगुणा के द्वारा शुरू किया गया था चिपको आंदोलन को दिशा देने का श्रेय इन तीनों को जाता है L

चिपको आंदोलन के माध्यम से पर्यावरण को बचाने के लिए वहां के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया था  गौरा देवी से प्रभावित होकर वहां की महिलाएं पेड़ों पर चिपक गई थी और उन्होंने पेड़ों को काटने से रोक भी दिया था l

 

Chipko andolan Kyo Kiya Gya Tha

जब भी किसी आंदोलन की शुरुआत होती है तो आंदोलन की शुरुआत होने का कोई ना कोई उद्देश्य तो होता ही है जैसे भारत में आजादी के लिए काफी आंदोलन किए गए थे वैसे ही चिपको आंदोलन किया गया था l

 चिपको आंदोलन की शुरुआत मुख्य रूप से पर्यावरण की सुरक्षा करने के लिए की गई थी उत्तराखंड के टिहरी गांव में पेड़ों को निरंतर काटा जा रहा था इसलिए वहां के स्थानीय निवासियों ने पर्यावरण की रक्षा के लिए पेड़ों को काटने से रोकने के लिए आंदोलन की शुरुआत करने का फैसला लिया l

इस आंदोलन में खास बात यह थी कि वहां की स्थानीय महिलाओं ने इस आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाई थी सभी महिलाएं और छोटे बच्चे वहां के पेड़ों से जाकर चिपक गए थे और ठेकेदारों को यह बोला था कि अगर कोई भी पेड़ को काटने आएगा तो उसे सबसे पहले हम से होकर गुजरना होगा l

चिपको आंदोलन को 45 वर्ष हो चुके हैं और अब भी चिपको आंदोलन बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है इस आंदोलन को हमेशा याद रखा जाएगा क्योंकि इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए बहुत सारी महिलाओं एवं बच्चों ने अपना बलिदान दे दिया था l

 

Conclusion-

इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको यह बताया कि Chipko Andolan Kya Hai. आशा करते हैं कि आप को अच्छे से समझ आ गया होगा कि चिपको आंदोलन की शुरुआत कहां से हुई थी और चिपको आंदोलन को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य क्या था l चिपको आंदोलन मैं बहुत महिलाओं एवं बच्चों ने अपना बलिदान दे दिया था उनके आंदोलन को हमेशा याद किया जाता है l

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